झाँकी कहानी प्रेमचन्द | Jhanki Kahani Premchand Hindi | PDF

पढ़िए और PDF डाउनलोड कीजिये मुंशी प्रेमचन्द की कहानी झाँकी। Read Jhanki kahani in Hindi by Munshi Premchand online and Download free PDF. कई दिनों से घर में कलह मचा हुआ था। माँ अलग मुँह फुलाये बैठी थी, स्त्री अलग। घर की वायु में जैसे विष भरा हुआ था। रात को भोजन नहीं बना, दिन … Read more

अनुभव कहानी मुंशी प्रेमचन्द | Anubhava Story Premchand Maansarovar

पढ़िये मुंशी प्रेमचन्द लिखित कहानी संग्रह मानसरोवर भाग 1 की अनुभव कहानी । Read Anubhava story by Munshi Premchand from Maansarovar and download free PDF. प्रियतम को एक वर्ष की सजा हो गयी। और अपराध केवल इतना था, कि तीन दिन पहले जेठ की तपती दोपहरी में उन्होंने राष्ट्र के कई सेवकों का शर्बत-पान से … Read more

अलग्योझा कहानी प्रेमचन्द | Algyojha Short Story Premchand | Download PDF

पढ़िये मुंशी प्रेमचन्द द्वारा लिखित अलग्योझा कहानी मानसरोवर भाग 1 से । Read Algyojha short Story by Munshi Premchand online and Download PDF free. भोला महतो ने पहली स्त्री के मर जाने बाद दूसरी सगाई की तो उसके लड़के रग्घू के लिये बुरे दिन आ गये। रग्घू की उम्र उस समय केवल दस वर्ष की … Read more

घासवाली कहानी मुंशी प्रेमचन्द | Ghaswaali Short Story Premchand | PDF

घासवाली कहानी मुंशी प्रेमचन्द द्वारा लिखित कहानी संग्रह मानसरोवर भाग 1 की एक कहानी है। Read Ghaswaali Short Story Premchand online and Download PDF. मुलिया हरी-हरी घास का गट्ठा लेकर आयी, तो उसका गेहुआँ रंग कुछ तमतमाया हुआ था और बड़ी-बड़ी मद-भरी आँखो में शंका समाई हुई थी। महावीर ने उसका तमतमाया हुआ चेहरा देखकर … Read more

दिल की रानी मानसरोवर | Dil Ki Raani Maansarovar | PDF

दिल की रानी मानसरोवर भाग 1 की एक कहानी है जिसे मुंशी प्रेमचन्द ने लिखा है। Read Dil Ki Raani story from Maansarovar by Munshi Premchand and Download PDF. Dil Ki Raani Maansarovar जिन वीर तुर्कों के प्रखर प्रताप से ईसाई-दुनिया काँप रही थी, उन्हीं का रक्त आज कुस्तुन्तुनिया की गलियों में बह रहा है। … Read more

घर जमाई कहानी प्रेमचन्द | Ghar Jamai Kahani Premchand | PDF

पढ़िए और PDF डाउनलोड कीजिये मुंशी प्रेमचन्द द्वारा लिखित घर जमाई कहानी। Read and download ghar jamai kahani by Munshi Premchand online and download PDF. हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआँ उठता नजर आता था। छन-छन की आवाज भी आ रही थी। उसके … Read more